सोमवार, 26 मार्च 2012

विजिट मी ऑन-" www.फलाना-ढिकाना.com"

      मेहरबान, कदरदान,पानदान ...-मेरा मतलब है महान विद्वान ,अगर आप के मन में दया है,इंसानियत है तो अपनी जेब से क्रेडिट/डेबिट कार्ड निकालिए और दान कीजिये /मदद कीजिए मुझ भिकारी पप्पू की.और पाइये आय कर में भारी छूट.बस लोग ऑन कीजिए  www.भिकारीपप्पू.co.in .
      जब से वेब साईट बनाना 100 रुपये से भी  सस्ता हो गया है. "वेब साईट सस्ता हो गया...???"   "का आप नाहीं जानते का ?" " का बात कर रहे हो भैया?"  "नाहीं .."    "तो कोनू बात नहीं ,जरा गौर फरमाइए इस ऊपर वाले विज्ञापन  पर..." फिर नीचे हमारी बात पर -
          भविष्य में कुछ ऐसे ही विज्ञापन आप को फेसबुक ,गूगल ,ट्विटर जैसी मशहूर वेब साइटों पर देखने को  मिलेंगे. जिन के माध्यम से भारत का आम आदमी,यहाँ तक की प्याज और आलू जैसे आदमी भी अपनी वेब-साईट बना सकेंगे और खुद को इंटरनेट की विशाल और अजूबों से भरी दुनिया में प्रतिस्थापित करने में सफल बनेंगे.जहाँ भिकारी को भीख मिलने की अपार संभावाएं विकसित होंगी वहीँ काम वाली बाइयों और अन्य काम (काम,क्रोध,मद,लोभ वाला काम) चाहने वालियों को काम के साथ -साथ अच्छा पैसा मिलना शुरू हो जायेगा.फिर भारत भी होगा अमीर राष्ट्र.फिर हम भी भारत को कहेंगे U.S.I  (united States of India) अरे भाई जितने भी अमीर देश हैं सभी तो United States,United Kingdom इत्यादि लगते हैं अपने देश के नाम के आगे.जैसे हम  खुद  को U.S.I. घोषित करेंगे हम तुरंत I.S.I. को टक्कर देने में समर्थ हो जायेंगे.अरे नहीं समझे,अरे बाबा हम( यानि 'I') और आप (यानि 'U') ही तो एक दुसरे को टक्कर दे सकतें  हैं ना.अभी भी नहीं समझे अरे भाई जब तक हम पकिस्तान को भाई-भाई मानते रहेंगे यानि की अपना-अपना(यानि की I-I )तब तक छोटा भाई,बड़े की पुंगी बजाता रहेगा.
                    अब तो आप भी सोच रहें होंगे की यार क्यों अपनी भी एक वेब साईट खोल ली जाये.यार अपन जो भारतीय हैं ना.खोलने में बड़े विशवास रखतें हैं....मेरा मतलब है पोल खोलने में.तो आप क्या समझ रहें थे.कसम  से तुम बड़े ही वो हो ....बादमाश? देखा नहीं आज कल सब की पोल खुद ब खुद खुलती जा रही है.नेताओं की ,अभिनेताओं की,खिलाडियों की यहाँ तक कि अपनी सेना के बड़े-बड़े अधिकारीयों की.श्री लंका के खिलाडियों की तो इसी पोल खुली की वहां का एक क्रिकेट खिलाडी बेचारा एक हिन्दुस्तानी बोलीबुड बाला से पैसे  लेकर अपने शौक पुरे करता है.बहुत बढ़िया भैया.बहुत चालू हो,दुनिया भर के लड़के ससुरे लड़कियों पर खर्चा कर के उन के शौक पुरे करतें हैं और आप उल्टा लड़कियों के पैसे से अपने मजे कर रहे हो.सीख लेनी चाहिए संसार के सभी लड़कों को आप से.इन को मलूम नहीं की आज कल बहुत सस्ते में  वेब साइट्स खुल जाती हैं.मात्र 90 रुपये खर्च करो और अपने नाम से वेब साईट खोल लो,मिसाल के तौर पर नीचे देखिये की किस तरह से भिकारी पप्पू ने अपनी वेब साईट का उद्घाटन किया कितना सस्ता.                   
bhikaripappu.co.in

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   अब तो आप को विशवास हो गया ना कि इतनी सस्ती वेब साइट्स  भी मिल सकती है ,लेकिन एक बात और पते कि मैं आप को बता रहा हूँ वो ये कि अब तक आप  लगभग हर चीज /प्रोडक्ट जिस की  वेब साईट हो उसे सही मान लेते थे . अभी बड़ा सोच समझ के ही कोई कदम उठाना होगा ,क्यों कि भैया ९० रुपये में तो कोई भी  वेब साईट  खोल सकता है.
अब आप को उस का बताता हूँ जहाँ से आप इतनी  सस्ती वेब साईट बना सकतें हैं -जी  हाँ !लोग ऑन करें-www.bigrock.in      और शुरू हो जाइये----मगर गूगल पर सर्च मार लीजिये हो सकता है और भी सस्ती मिल जाये -अरे वेब साईट की बात कर रहें हैं भैया ,कहाँ की बात कहाँ ले जाते हो.                    

धर्म परिवर्तन ( कहानी)

कहानी "ये पंडित जी को क्या हो गया ? बुढ़ापे में साठिया गए जो ईसाई धर्म अपना लिया।" मोहल्ले में सब पंडित जी की थू - थू कर  रहे थे।...